किताबी शिक्षा के साथ साथ संस्कार, व्यवहारिक ज्ञान व संयुक्त परिवार की जानकारी देना भी जरूरी

शिक्षा

विजयानंद सुरी जैन विद्यापीठ में मनाया गुरुवंदन छात्र अभिनंदन कार्यक्रम

नागौर // भारत विकास परिषद शाखा नागौर द्वारा “गुरु वंदन छात्र अभिनंदन”प्रकल्प के अन्तर्गत श्री विजयानंद सुरी जैन विद्यापीठ उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यालय के 28 शिक्षकों के हाथों पर भारत विकास परिषद परिवार द्वारा रक्षासूत्र बांधकर उन्हें राष्ट्र रक्षा का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत वंदे मातरम् और समापन राष्ट्रगान जन गण मन के सामूहिक गायन के साथ किया गया।

प्रकल्प प्रभारी विकास सोनी ने गुरु शिष्य परंपरा को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सुदृढ़ करने हेतु अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि प्राचीन समय में माता पिता के बाद गुरु को ही ईश्वर के समकक्ष समझा जाता था क्योंकि माता-पिता और गुरु ही ऐसा व्यक्तित्व रखते हैं जो हमें आचरण, शिक्षा, संस्कार ,व्यवहारिक ज्ञान और जीवन जीने की समझ प्रदान करते है, लेकिन वर्तमान समय में तकनीकी कौशल तो बहुत बढ़ गया पर किताबी शिक्षा के बोझ तले भूलवश जीवन कौशल की जो शिक्षा गुरु जन दे सकते हैं वह छूट गई है। इसलिए सभी गुरुजन से यह आग्रह किया गया कि वर्तमान समय में पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार, व्यवहारिक ज्ञान, पाश्चात्य संस्कृति से दूर रहना, संयुक्त परिवार का महत्व ऐसे विषयों पर विद्यार्थियों को समय-समय पर समझाया जाए ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो पाए और विद्यार्थी भी गुरुजन का महत्व समझ पाए। वही वरिष्ठ सदस्या सुधा अग्रवाल ने परिषद के वर्ष पर्यंत होने वाले कार्यक्रम जिसमें संपर्क योजना के द्वारा संस्कृति सप्ताह, स्थापना दिवस और प्रतिभा सम्मान समारोह, सेवा योजना के द्वारा दिव्यांगों का कल्याण, संस्कार योजना के द्वारा बाल संस्कार शिविर, राष्ट्रीय संस्कृत गीत प्रतियोगिता, भारत को जानो प्रतियोगिता, युवा संस्कार शिविर परिवार संस्कार शिविर, रक्तदान शिविर इत्यादि से अवगत कराया। परिषद सदस्या रितु समदड़िया ने सभी को राष्ट्रीय संस्कृति परंपराओं व नैतिक मूल्यों के निर्वाहन हेतु शपथ दिलवाई। वही परिषद सदस्या शोभा सारड़ा ने विद्यालय का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में सुश्री अंकिता सारड़ा, विमलेश समदड़िया, हेमा मालाणी भी उपस्थित थे।