नागौर में सुपारी किलर की गोलियों से भूनकर हत्या, हमलावर बाइक पर सवार होकर भागे

क्राइम
  • नागौर में दिनदहाड़े मर्डर के बाद कोर्ट परिसर के बाहर मची अफरा तफरी
  • शव जेएलएन अस्पताल में, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी
  • सांसद हनुमान बेनीवाल ने पुलिस प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

नागौर // नागौर के कोर्ट परिसर के बाहर सोमवार को दिनदहाड़े एक सुपारी किलर संदीप सेठी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। आरोपी हाथ में पिस्तौल लहराते हुए भाग निकले। गोलियां चलने से मौके पर अफरा तफरी मच गई। बाद में पुलिस ने नाकाबंदी भी कराई मगर देर शाम समाचार लिखे जाने तक आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े। उधर पुलिस देर शाम तक सीसीटीवी खंगालाती रही। एक साथ आठ गोलियां लगने से संदीप सेठी की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि उसे साथी उसे एक गाड़ी में डालकर पहले एक निजी हॉस्पिटल ले गए तथा बाद में उसे जेएलएन अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। उधर नागौर में दिनदहाड़े मर्डर के बाद सांसद हनुमान बेनीवाल ने पुलिस प्रशासन को फ्लॉप बताया है। उन्होंने एक बयान में कहा कि नागौर दिनों दिन अपराधियों का गढ़ बनता जा रहा है। कांग्रेस शासन में पूरे प्रदेश में अपराध अपने चरम पर है।

तारीख पेशी पर अपने साथियों के साथ नागौर आया था संदीप

सुपारी किलर संदीप सेठी फिलहाल जमानत पर चल रहा है और वह सोमवार को यहां तारीख पेशी भुगतने आया था। इस दौरान कोर्ट कैम्पस के बाहर पीछे से आए हमलावरों ने एकदम नजदीक से गोलियां चलाई तो वह वहीं पर ढेर हो गया। कुछ संभलते इससे पहले ही आरोपी दोड़ते नजर आए। बाद में सभी आरोपी स्टेशन तिराहा पर पहले से बाइक लेकर खड़े अपने दो साथियों के साथ बैठकर भाग गए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो ये आरोपी स्पष्ट दौड़ते हुए और फिर बाइक के पीछे बैठकर पुराने अस्पताल की तरफ भागते दिखाई दे रहे हैं। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज के हुलियों से आरोपियों की पहचान में जुट गई है।

बेनीवाल ने उठाए पुलिस व प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

नागौर में दिनदहाड़े गैंगवार होने पर सांसद हनुमान बेनीवाल ने पुलिस को आड़े हाथों लिया है। बेनीवाल ने अपने बयान में कहा कि कोर्ट परिसर के बाहर दिनदहाड़े मर्डर होना दुर्भाग्यपूर्ण है। कलेक्टर व एसपी के बंगले से चंद कदमों की दूरी पर गोलियां चलाकर मर्डर करना चिंता का विषय है। नागौर में पुलिस व प्रशासन की जिम्मेदार तय की जानी चाए। प्रदेश की कानून व्यवस्था वेटिंलेटर पर है। यह घटना राजस्थान में जंगलराज का प्रमाण है। उन्होंने जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। बेनीवाल ने कलेक्टर को भी लपेटे में लिया और कहा कि बजरी माफियाओं को प्रशासनिक सरंक्षण दिया जा रहा है इसलिए सरकार को नागौर के प्रशसनिक अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।

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