अब हर सप्ताह चलेगा प्लास्टिक जब्ती का अभियान, जिले में 13 लाख छायादार पौधरोपण होगा

प्रशासन

जिला स्तरीय पर्यावरण समिति की बैठक में लिए गए अनेक निर्णय

नागौर // जिला स्तरीय पर्यावरण समिति की बैठक बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर पीयूष समारिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में यह तय किया गया कि अब हर सप्ताह जिम्मेदार अधिकारी प्लास्टिक जब्ती का अभियान चलाएंगे। इस दौरान उप वन सरंक्षक ने बताया कि जिले में 13 लाख छायादार पौधरोपण भी किया जाएगा। इनमें 5 लाख पंचायत समितियों और 4 लाख नगरीय निकायों में वितरित किए जाएंगे।

पर्यावरण समिति की बैठक में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध की पूर्ण पालना करवाने के लिए जिला कलक्टर ने नगरपरिषद अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान जिला कलक्टर ने नगरपरिषद के अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर प्लास्टिक जब्ती की कार्रवाई करने तथा सभी एसडीओ से उपखण्ड स्तर पर हर सप्ताह अभियान चलाकर प्लास्टिक जब्ती की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान उप वन संरक्षक ज्ञानचंद मकवाना ने बताया कि घर घर औषधि योजना के तहत जिले में अब 13 लाख छायादार वृक्ष भी लगाए जाएंगे। जिस पर विभाग द्वारा जिले में13 लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं इसमें 5 लाख पंचायत समितियों एवं 4 लाख नगरीय निकायों में वितरित किए जाएंगे। इन पौधो को तैयार करने के लिए सभी पंचायत समिति स्तर के अधिकारियों व नगर निकायों को जगह चिन्हित करने के निर्देश दिए गए है।
इस दौरान अवैध आरा मशीनों के संचालन की रोकथाम के लिए गठित जिला स्तरीय समिति तथा राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार की रोकथाम एवं संरक्षण के लिए जिला स्तरीय समिति की बैठक भी सम्पन्न हुई। जिसमें जिला कलक्टर ने अवैध खनन क्षेत्र की सूची उपलब्ध करवाने तथा खनन क्षेत्र में पौधरोपण वाले क्षेत्र की जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने डिस्कॉम के अधिकारियों से अवैध आरा मशीनों के संचालन के लिए काम में ली जा रही विद्युत आपूर्ति के कनेक्शनों की जांच कर अवैध कनेक्शन हटाने तथा संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में पर्यावरण प्रेमी पदमश्री हिम्मताराम भाम्भू ने डीजे लगे वाहनों पर कार्रवाई करने तथा सदस्य रामरत्न बिश्नोई ने हिरणों में बीमारी फैलने के उपचार संबंधी सुझाव दिए। जिस पर जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ महेश वर्मा, एसआई गोविन्दसिंह, छीतरसिंह, नगरपरिषद सचिव अनिता बिरड़ा, एईएन मकबूल अहमद, रीको आरएम राधाकिशन गुप्ता, जिला परिषद एईएन दिनेश पिचकिया सहित जलदाय विभाग, डिस्कॉम व आयुर्वेद विभाग के अधिकारी मौजूद थे।