हिन्दी को वास्तविक दर्जा दिलाने के लिए हमें मानसिकता बदलनी होगी: पंवार

शिक्षा

नेहरू युवा केंद्र की ओर से एलबीएस कॉन्वेंट स्कूल में हिन्दी राजभाषा विषयक संगोष्ठी आयोजित

नागौर // शहर के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित एलबीएस कॉन्वेंट स्कूल में शुक्रवार को हिन्दी राजभाषा विषयक संगोष्ठी का आयोजन हुआ। ये कार्यक्रम भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अधीन स्वायत्तशासी संस्थान नेहरू युवा केंद्र की ओर से आयोजित हुआ।

मुख्य अतिथि के रूप में संगोष्ठी को संबोधित करते नागौर उपखण्ड अधिकारी सुनील पंवार ने कहा कि हिन्दी को वास्तविक दर्जा दिलाने के लिए हिन्दी दिवस या हिन्दी सप्ताह मनाने से कुछ नहीं होगा बल्कि हमें अपनी मानसिकता में बदलाव लाना होगा। उन्होंने युवाओं को बताया कि जैसे बाकी विकसित देश तकनीकी उपकरणों में अपनी भाषा का इस्तेमाल करते हैं उसी प्रकार हमें भी हिंदी भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए। उपखंड अधिकारी पंवार ने अपना व्यक्तिगत उदाहरण देते हुए युवाओं को बताया कि कई बार उन्हें भी भाषा की वजह से समस्याओ का सामना करना पड़ा। युवाओं से कहा कि क्योंकि यह परिचर्चा है और उन्होंने इसे केवल एक तरफा ना रखते हुए सभी युवाओं को समास , अलंकार तथा भेद के बारे में जानकारी देते हुए प्रश्नोत्तरी भी करी। इस दौरान प्रसिद्ध शिक्षाविद् प्रो. भवानीशंकर रांकावत ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा न होने का एक कारण हमारे ही देश में इस भाषा का विरोध है। जैसे दक्षिण भाग में हिंदी से परहेज किया जाता है परंतु हिंदी फिल्मों का नही यानी यह केवल ऊपरी विरोध है। हमे निरंतर प्रयास करने होंगे की हम हिंदी भाषा जिस मान सम्मान के लायक है वह मिल सके। उन्होंने अपनी बात अनेक उदाहरणों सहित रखी। वरिष्ठ साहित्यकार शिक्षाविद् डा. जेठाराम सुखाड़िया ने युवाओं का ज्ञान वर्धन करते हुए कहा राष्ट्रीय भाषा एवं राज्य भाषा में अंतर होता है। हिंदी भाषा संस्कृत से निकली है जिसे देववाणी कहते हैं । उन्होंने कहा कि हिंदी में इतनी शक्ति होती है कि वह शब्दों को बचाती है तथा हिंदी भाषा देश को जोड़ने वाली भाषा है।
साथ ही उन्होंने युवाओं को राष्ट्रभाषा तथा राजभाषा के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए। मनीष शर्मा ने युवाओं को उद्बोधन कबीर के दोहे देते हुए दिया कि ऐसी वाणी बोलिए मन का आपा खोए औरों को शीतल करे आपहु शीतल होय । उन्होंने बताया कि अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति की जो भाषा है वह हमेशा आपकी हिंदी भाषा रहेगी जिसका साहित्य इतना समृद्ध है। श्रीमती मंजू सिरोहीवाल ने हिंदी पखवाड़ा मनाना हमारा तभी सफल होगा जब हम हिंदी भाषा को अपने जीवन में उतारेंगे भाषण तो हमने बहुत सुने हैं और सुनते ही रहेंगे परंतु अभी हमें करके दिखाना है हिंदी को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना है क्योंकि हिंदी हमारी मन की भाषा है।

नागौर के एलबीएस कॉन्वेंट स्कूल में संगोष्ठी को संबोधित करते निदेशक विनेश शर्मा
नागौर के एलबीएस कॉन्वेंट स्कूल में हिन्दी पर आयोजित संगोष्ठी में मौजूद स्कूली छात्र छात्राएं

14 से 29 सितंबर तक मना रहे हैं हिन्दी पखवाड़ा

इससे पहले नेहरू युवा केंद्र संगठन नागौर की जिला युवा अधिकारी सुरमयी शर्मा ने बताया कि केंद्र द्वारा 14 से 29 सितंबर तक हिंदी पखवाड़ा मनाया जा रहा है जिसके तहत विभिन्न प्रकार की गतिविधियां आयोजित करवाई जा रही हैं। इसी क्रम में आज केंद्र व एलबीएस कॉन्वेंट स्कूल के संयुक्त तत्वाधान में हिंदी राज भाषा विषयक परिचर्चा का आयोजन किया गया था। सुरमयी शर्मा ने बताया कि नेहरू युवा केंद्र समय समय पर ऐसे आयोजन करता रहता है ताकि बच्चों का ज्ञानवर्दन हो सकें। इस दौरान संगोष्ठी का संचालन करते एलबीएस कॉन्वेंट स्कूल के निदेशक शिक्षाविद् विनेश शर्मा ने हिंदी भाषा का महत्व बताया साथ ही कहा कि शिक्षा तंत्र में बदलाव आने चाहिए जैसे नई शिक्षा नीति से हम बेहतर सीख पाएंगे। शर्मा ने स्कूल की गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला। अंत में सुरमयी शर्मा ने सभी अतिथियो का आभार ज्ञापित किया।

अंत में जिला युवा अधिकारी सुरमयी ने कार्यक्रम में पधारे सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया।