115 लावारिस शवों का दाह संस्कार कर चुके थानवी ने पितृ पक्ष अमावस्या पर किया सामूहिक तर्पण

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मेड़ता सिटी के कुण्डल सरोवर पर पं. रामकृपाल शास्त्री ने वैदिक मंत्रों से करवाया तर्पण

मेड़ता सिटी // लावारिस लाशों के मसीहा के रूप में प्रसिद्ध मेड़ता के पूर्व पालिकाध्यक्ष समाजसेवी अनिल थानवी ने पितृ पक्ष की अमावस्या के मौके पर रविवार को 115 लावारिसों को जल तर्पण किया। यहां कुंडल सरोवर की पाळ पर मेड़ता के पं. रामकृपााल शास्त्री ने वैदिक मंत्रों के साथ थानवी के हाथों से देवर्षि, मनुष्य व पितृ तर्पण का अनुष्ठान कराया। गौरतलब है कि मेड़ता के पालिकाध्यक्ष रह चुके अनिल थानवी पिछले कई सालों से लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करते हैं। वे अब तक 115 लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं। रविवार को पितृ पक्ष की अमावस्या पर उन्होंने सभी अज्ञात लावारिसों को जल तर्पण किया। थानवी जिले की पुलिस को मिले लावारिस शवों की शिनाख्त नहीं होने पर पुलिस की मदद करते हुए उनका अंतिम संस्कार करते हैं। पं. रामकृपाल शास्त्री ने बताया कि पुराणों में ऐसा वर्णन है कि महाभारत काल में जितने भी योद्धा वीरगति को प्राप्त हुए उनको भी अंजलि देनी चाहिए, अन्यथा दिया गया जल पितरों को प्राप्त नहीं होता। आश्विन कृष्ण पक्ष को पितृपक्ष के नाम से जाना जाता है और इस पक्ष में पित्रेश्वरओ के निमित्त किया गया दान पुण्य जल और श्राद्ध पितरों को तो संतुष्ट करता ही है साथ ही मनुष्य को भी मनवांछित फल की प्राप्ति करवाता है इसलिए पितृ पक्ष में श्राद्ध के साथ साथ में तर्पण भी अनिवार्य है।

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