नागौर में सुपारी किलर संदीप सेठी की हुई हत्या का पुलिस ने 8 दिन में किया पर्दाफाश, 3 आरोपी गिरफ्तार

क्राइम

  • 13 साल पहले हिसार में हुए दोहरे हत्याकांड का बदला लेने के लिए सुनियोजित तरीके से की गई थी सेठी की हत्या
  • नागौर पुलिस ने कड़ी मेहनत कर संदीप सेठी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सहित 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार
  • नागौर जिले के 100 से अधिक पुलिसकर्मियों ने 900 सीसीटीवी फुटेज खंगाल इस हत्याकांड का किया खुलासा

नागौर //  नागौर पुलिस ने 8 दिन पूर्व कचहरी परिसर के बाहर हरियाणा के सुपारी किलर संदीप सेठी की हत्या का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस प्रकरण में मुख्य आरोपी सहित 3 आरोपियो को पकड़ा है। सभी आरोपी हरियाणा के हैं। अब पुलिस आरोपियों से कड़ी पूछताछ में जुट गई है। फौरी तौर पर संदीप सेठी की हत्या 13 साल पहले हिसार में हुए दोहरे हत्याकांड व 2015 में दिप्ती गैंग के सहयोगी संदीप गोदारा की हत्या इसी संदीप सेठी गैंग द्वारा किए जाने से सुनियोजित ढंग से बदला लेने की नीयत से हत्या की गई है। गौरतलब है कि हरियाणा निवासी संदीप सेठी 19 सितंबर 22 को नागौर में एक हत्याकांड के संबंध में तारीख पेशी भुगतने आया था इसी दौरान 5-6 लोगों ने उस पर ताबडतोड़ गोलियां चलाकर उसे ढेर कर दिया था। संदीप सेठी की मौके पर ही हत्या हो गई थी। उसके बाद आरोपी मोटरसाइकिलों पर बैठकर भाग निकले। पुलिस ने पीछा किया मगर वे हाथ नहीं आए मगर स्टेशन तिराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों में उनकी यह करतूत कैद हो गई थी। तब से पुलिस नियमित रूप से उनको ट्रेस करने प्रयास में लगी हुई थी।

एसआईटी ने प्रभावी कार्रवाई से हाथ आए तीन आरोपी

एसपी राममूर्ति जोशी ने बताया कि एसआईटी की विभिन्न टीमों के बेहतर समन्वय, साइबर सैल टीम की तकनीकी सहायता, अभय कमांड सेंटर, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण, फील्ड इंटेलीजेंस, प्रभावी ढंग से कॉर्डिंग एवं रेड मारकर प्रकरण के मुख्य अभियुक्त सुनील उर्फ पंडित निवासी भूना जिला फतेहाबाद हरियाणा को विशेष स्ट्राइकिंग टीम द्वारा चण्डीगढ़ के जिरकपुर से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद जीतेन्द्र कुमार उर्फ जीतू उर्फ नीतू निवासी भूना जिला फतेहाबाद हरियाणा को वृत्ताधिकारी डीडवाना की टीम द्वारा हिसार से पकड़ा। इसके बाद संदीप लांबा उर्फ गोलू निवासी आजाद नगर हरियाणा को थानाधिकारी लाडनूं मय टीम द्वारा रतनगढ़ जिला चूरू से दस्तयाब किया गया। एसपी राममूर्ति जोशी ने बताया कि सुनील उर्फ पंडित निवासी भूना जिला फतेहाबाद हरियाणा को इस प्रकरण में बापर्दा गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों से एसआईटी टीम द्वारा विस्तृत अनुसंधान किया जा रहा है। प्रकरण में अन्य अभियुक्तों की तलाश, घटना में प्रयुक्त वाहन व हथियारों के सोर्स, शूटर्स, संसाधन व अन्य सहायता उपलब्ध कराने वाले व हत्या की साजिश में शामिल अन्य अभियुक्तों के संबंध में अनुसंधान किया जा रहा है।

12 थानाधिकारियों सहित अनेक टीमें लगी थी जांच में

एसपी राममूर्ति जोशी ने बताया कि संदीप सेठी की नागौर कचहरी के बाहर गोली मार कर हत्या करने के प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 थानाधिकारियों के नेतृत्व में अलग अलग टीमें गठित की गई थी। इसके अलावा विशेष अनुंसधान दल यानि एसआईटी की टीम भी लगी हुई थी। जोशी ने बताया कि एएसपी नागौर राजेश मीणा, एएसपी डीडवाना विमल सिंह नेहरा, डीएसपी नागौर विनोदकुमार सीपा, डीएसपी डीडवाना गोमाराम, डीएसपी मूंडवा विजय सांखला, नागौर कोतवाली थानाधिकारी हनुमानसिंह चौधरी, नागौर सदर थानाधिकारी रूपाराम, खींवसर थानाधिकारी अशोक बिसु, मांगलियावास थानाधिकारी सुनील ताड़ा, मांडलगढ़ जिला भीलवाडा थानाधिकारी सुरजीत ठोलिया, भावंडा थानाधिकारी सिद्धार्थ प्रजापत, मेड़तारोड थानाधिकारी राजपाल सिंह, गोटन थानाधिकारी गोपाल कृष्ण, लाडनूं थानाधिकारी राजेन्द्र कमांडो, जसवंगतगढ़ थानाधिकारी मुकुट बिहारी, जायल थानाधिकारी हरीश कुमार, पादूकलां थानाधिकारी सुमन के अलावा हैड कांस्टेबल मूलाराम, हैड कांस्टेबल श्याम प्रताप साइबर सैल व साइबर टीम कार्यालय हाजा के अलावा कोतवाली नागौर के कांस्टेबल प्रेमराज, अजमेर साइबर सैल के एएसआई रणवीर, मांगलियावास कांस्टेबल हेमराज शामिल थे। एसपी राममूर्ति जोशी ने बताया कि उक्त खुलासे की कार्रवाई में साइबर सैल नागौर के हैड कांस्टेबल मूलाराम, हैड कांस्टेबल श्याम प्रताप, सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मुख्य अभियुक्त सुनील पंडित को गिरफ्तार करने में थानाधिकारी मांगलियावास सुनील ताड़ा व भीलवाडा के उप निरीक्षक सुरजीत ठोलिया मय टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

दर्जनों गांवों में दबिशें दी, एक लाख मोबाइल के डाटा चैक किए

नागौर पुलिस को संदीप सेठी हत्याकांड की तह तक जाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी। इसके लिए दर्जनों गांवों में गठित टीमों ने दबिशें दी। इन टीमों हिसार, मोहाली, गुडगांव, चंडीगढ़, पंचकूला, जिरकपुर, सिरसा, सोनीपत, जयपुर, नोखा, मुकाम, बीकानेर, बीदासर, रतनगढ़, सुजानगढ़ व कातर आदि में दबिशें दी गई यहां से अनेक इनपुट मिले। एसपी राममूर्ति जोशी ने बताया कि इसी प्रकार साइबर सैल नागौर टीम ने घटना स्थल व संभावित आने जाने वाले रास्तों पर विभिन्न कंपनी के बीटीएस डाटा संकलित कर एक लाख से अधिक मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया। उन्होंने बताया कि कुछ संदिग्ध नंबरों को बाद में चिन्हित किया गया। कुछ महत्वपूर्ण मोबाइलधारकों को सत्यापित किया गया। विभिन्न सोशल साइटस पर गैंगवार के मध्यनजर की जाने वाली पोस्ट की निगरानी जुटाई गई। उक्त घटना बड़े पेशेवर अंदाज में सुनियोजित ढंग से की गई थी। शॉर्प शूटर्स द्वारा हर जगह प्लानिंग किए जाने के कारण साइबर सैल टीम द्वारा छोटे से इनपुट को प्राप्त कर बड़े गहन विश्लेषण के साथ कार्य करते हुए सूत्र सूचना सुनिश्चित की गई है। तभी इस कांड का महज 8 दिन में खुलासा संभव हो पाया है। एसपी जोशी ने बताया कि अन्य अभियुक्तों की तलाश जारी है।

Advertisements