लगातार दूसरे दिन भी सामूहिक अवकाश पर रहे जिले के न्यायिक कर्मचारी, आंदोलन जारी

प्रशासन

न्यायिक कर्मचारी संघ के नागौर जिलाध्यक्ष विनोद भाटी के नेतृत्व में जिलेभर में आंदोलन जारी

नागौर // राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष विनोद भाटी के नेतृत्व में लगातार दूसरे दिन भी न्यायिक कर्मचारी आंदोलन पर रहे। उन्होंने दूसरे दिन भी सामूहिक अवकाश लेकर जयपुर के मृतक न्यायिक कर्मचारी सुभाष मेहरा के प्रकरण में उचित न्याय की मांग उठाई। कर्मचारी नेता विनोद भाटी ने बताया की प्रांतीय प्रतिनिधिमंडल की हाई कोर्ट प्रशासन से पहले और दूसरे दौर की वार्ता असफल रहने से पूरे नागौर जिले के न्यायिक कर्मचारी दूसरे दिन भी सामूहिक अवकाश पर रहे। राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र नारायण जोशी ने बताया की तीसरे दौर की वार्ता सफल रही परंतु वार्ता में बनी सहमति के अनुसार कोई भी कार्यवाही पुलिस कमिश्नर महोदय,जयपुर द्वारा भांकरोटा पुलिस थाना में FIR दर्ज करने बाबत दिशा निर्देश नही दिए गए हैं तथा पुलिस कमिशनर, जयपुर से संपर्क किया गया तो कमिशनर साहब ने FIR दर्ज करने बाबत स्पष्ट पॉजिटिव रूख नही अपनाया गया एवं मैटर को दिखवाने का बोलकर एक दो दिन का समय लगने का बोलकर इतिश्री कर ली गई। इसलिए न्यायिक कर्मचारी न्याय नहीं मिलने पर सामूहिक अवकाश पर ही रहेंगे। प्रदेश संगठन के आह्वान पर नागौर जिला मुख्यालय पर संगठन के जिलाध्यक्ष विनोद भाटी के नेतृत्व में न्यायिक कर्मचारियों ने यहां कचहरी परिसर में सामूहिक अवकाश रखते हुए धरना दिया। इस दौरान नागौर अधिवक्ता संघ के सदस्य अधिवक्ता राधेश्याम सांगवा, गंभीर सिंह राठौड़, राजेंद्र सिंह राठौड़, पीर मोहम्मद खान, सहदेव चौधरी, भंवरलाल खुडखुड़िया, रामस्वरूप विश्नोई, हेमाराम गोलियां आदि द्वारा भी धरने पर बैठे न्यायिक कर्मचारियों को माला पहनाई गई तथा हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया गया। धरने में जिलाध्यक्ष विनोद भाटी, अशोक मुथा, पंकज माथुर, नरेंद्र राखेचा, दिनेश विश्नोई, हुक्मीचंद, लीना खत्री, मोनिका, संजय, फिरोज, चंद्रशेखर, श्याम, दिनेश सैनी आदि शामिल थे।

यह है मामला

जयपुर के एक न्यायिक कर्मचारी सुभाष मेहरा की संदिग्ध परिस्थितियों मे मौत हो जाने के बावजूद पुलिस प्रशासन अभी तक इस प्रकरण की एफआईआर तक दर्ज नहीं कर रहा है। इससे खफा प्रदेशभर के न्यायिक कर्मचारी नाराज है तथा आंदोलन कर रहे हैं। वे मृतक परिवार को न्याय दिलाने के लिए सामूहिक अवकाश पर है।