जाने क्या जादू भरा हुआ श्री कृष्ण तुम्हारी गीता में,,,

धर्म-कर्म

शारदा बालिका निकेतन विद्यालय में गीता जयंती का भव्य कार्यक्रम संपन्न ।।

नागौर // गीता परिवार नागौर द्वारा आज गीता जयंती का कार्यक्रम शारदा बालिका निकेतन विद्यालय के सभागार में नागौर राम द्वारा के महंत जानकीदास महाराज तथा रामनामी महंत मुरलीराम महाराज के सानिध्य में आयोजित किया गया। गीता परिवार के बजरंग सिंह नांधू ने बताया कि इस मौके पर विद्यालय में अध्ययनरत 700 बालिकाओं तथा 50 आचार्य बहन जी को गीता जी की पुस्तक इस मौके पर गीता परिवार द्वारा उपलब्ध करवाई गई । वयोवृद्ध गीता साधक सत्यनारायण पारीक बाल संत विनोद महाराज साधक शिवदान चारण बिशनाराम सिंवर तथा विद्यालय के पूर्व विद्यार्थी भगवानदास आदि इस अवसर पर मौजूद रहे ।इस मौके पर विद्यालय की बालिकाओं ने गीता के 2 अध्याय का सस्वर वाचन किया विद्यालय की छात्रा सरिता राव ने ,,,,जाने क्या जादू भरा हुआ भगवान तुम्हारी गीता में,,,, भजन की प्रस्तुति दी विद्यालय की प्रधानाचार्य कमला चारण ने अतिथियों का स्वागत एवं परिचय करवाया । इस मौके पर महंत जानकीदास महाराज ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता एक ऐसा मात्र ग्रंथ है जिसकी जयंती मनाई जाती है यह एकमात्र ग्रंथ है जो स्वयं भगवान के मुखारविंद से प्रकट हुआ है बाकी सारे शास्त्र नदियों के किनारे या हिमालय की वादियों में लिखे गए परंतु गीता ऐसा एकमात्र शास्त्र है जो रणांगण पर कहा गया, युद्ध के मैदान के बीच में कहा गया, यह शांति के वातावरण में नहीं संघर्ष भूमि में कहा गया ग्रंथ है इसलिए मानव जीवन के प्रत्येक संघर्ष काल में प्रत्येक समस्या का समाधान इसमें प्राप्त होता है यह मानसशास्त्र की अद्भुत पुस्तक है यह व्यवस्थापन शास्त्र है यह विजय का शास्त्र है तथा युवाओं को जीवन में यश कैसे प्राप्त करें यह जानने के लिए यह सर्वोत्तम योगशास्त्र है । रामनामी महंत मुरलीराम महाराज ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय तत्व ज्ञान की प्रस्थानत्रयी में ब्रह्म सूत्र भगवत गीता और उपनिषदों को रखा गया है जिसमें गीता का प्रमुख स्थान है क्योंकि वेदों का सार उपनिषद एवं उपनिषदों का सार श्रीमद भगवत गीता में है भगवत गीता संपूर्ण योग शास्त्र है ज्ञान योग कर्म योग भक्ति योग इन तीनों का मार्ग भगवत गीता प्रशस्त करती है । जीआरपी रेलवे पुलिस के कांस्टेबल एवं गीता साधक बजरंग सिंह ने इस अवसर पर प्रतिवेदन के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि पूज्य स्वामी गोविंद देवगिरी जी महाराज जो श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या के कोषाध्यक्ष हैं उनके द्वारा गीता परिवार की स्थापना सन 1986 में की गई गत 36 वर्षों से गीता में प्रतिपादित देवीय गुणों का प्रचार प्रसार गीता परिवार द्वारा निरंतर किया जा रहा है प्रतिवेदन में बताया गया कि गत 5 वर्षों से चल रही ऑनलाइन गीता संस्था कक्षाओं में 137 देशों के लगभग 50हजार साधक गीता जी से जुड़े हुए हैं लर्नगीता के अंतर्गत 18 समय- सत्रों में 12 भाषाओं में चार स्तरों पर प्रातः 5 बजे से रात्रि 2 बजे तक प्रतिदिन 1100 जूम कक्षाएं चलाई जा रही है आज गीता जयंती का उत्सव गीता परिवार के माध्यम से विश्व भर में हजारों स्थानों पर मनाया जा रहा है। अंत में गीता जी की आरती के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया । संगीत प्रमुख मेघराज राव ने धन्यवाद ज्ञापित किया ।कार्यक्रम का संचालन आचार्य मीनाक्षी शर्मा ने किया। इस मौके पर विद्यालय के सभी आचार्य बंधु भगिनी एवं छात्राएं मौजूद रहे।

इनका किया सम्मान समारोह

गीता जयंती के अवसर पर एक सम्मान समारोह आयोजित कर विद्यालय मैं बारहवीं कक्षा की छात्रा सरिता राव को सम्मानित किया गया ज्ञात रहे कि अभी कुछ दिन पहले छात्रा सरिता का एक गुरु महिमा के भजन का वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हुआ था इस वीडियो को 2 दिन में 14 लाख से अधिक लोगों ने सोशल मीडिया पर देखकर समर्थन दिया हजारों लोगों ने इसको शेयर किया 2लाख से अधिक लोगों ने इस को लाइक किया इसके लिए आज गीता जयंती के अवसर पर अतिथियों ने भजन गायिका सरिता को स्मृति चिन्ह एवं गीता जी की पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया ।।